राहुल द्रविड के निगरानी वाली U-19 क्रिकेट टीम परिवार के पैसों से डिनर करने को मजबूर

इसका कारण बीसीसीआई सचिव के पद पर किसी का न होना बताया जा रहा है, जिनके पास फंड जारी करने का अधिकार होता है।

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U-19 भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों इंग्लैंड टीम के साथ घरेलू शृंखला खेल रही है, लेकिन टीम को दैनिक भत्ता न मिलने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। टीम में खिलाड़ियों, स्टॉफ मैम्बर्स से लेकर कोच राहुल द्रविड तक को भी किसी प्रकार का दैनिक भत्ता मुहैया नहीं कराया जा पा रहा है और इसके पीछे वजह बीसीसीआई के सचिव पद का खाली होना बताया जा रहा है क्योकि सचिव के पास ही फण्ड जारी करने का अधिकार होता था।

 

खिलाड़ी पिछले 15 दिनों से बगैर दैनिक भत्ते के अपना काम चला रहे है जो प्रतिदिन 6800 रुपये मिलती थी साथ ही उनको डिनर का भी इंतज़ाम खुद से ही करना पड़ रहा है। अब चूकि दैनिक भत्ते के साथ-साथ बैंक से भी एक हफ्ते में 24000 रुपये निकलने की अनुमति है और टीम को जिस होटल में ठहराया गया है वो बहुत महगा है जहा एक सैंडविच ही 1500 रुपये में आता है, ऐसे में खिलाड़ियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

 

गौरतलब है की सुप्रीम कोर्ट ने 2 जनवरी को बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के साथ-साथ बोर्ड के सचिव अजय शिर्के को भी पद से बर्खास्त कर दिया था जिस वजह से बोर्ड में महत्वपूर्ण पद खाली हो गए है। चूकि सचिव के पास ही पैसा पास करने का अधिकार होता था ऐसे में सचिव की गैर मौजूदगी में बीसीसीआई की दैनिक कार्यशैली पे भी फर्क पड़ रहा है। फ़िलहाल बोर्ड को संयुक्त सचिव अमिताभ चौधरी और कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी की निगरानी में रखा गया है, लेकिन फिर भी इनमे से किसी एक को फण्ड पास करने की जिम्मेदारी लेने से पहले बोर्ड के सदस्यो से नया प्रस्ताव पास कराना जरुरी होगा जो की अभी तक नहीं किया जा पाया है।

 

फ़िलहाल बोर्ड की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित की गयी कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स (COA) ने सीनियर टीम के दैनिक भत्तों का भुगतान करने की अनुमति अभी बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी को दी हुई है। जानकारी के अनुसार ऐसी कोई भी सुविधा जूनियर टीम के खिलाड़ियों या उनके सपोर्टिंग स्टाफ को नहीं दी गयी है।

 

U-19 टीम के एक सदस्य ने कहा की, “हम किसी किसी तरह से अपना काम चला पा रहे है। उन्होंने बताया की मैच वाले दिन एक टाइम का खाना मेजबान एसोसिएशन मुहैया करा देती है और ब्रेकफास्ट होटल से उपलब्ध हो जाता है लेकिन बड़ी दिक्कत रात के समय डिनर में आती है। उन्होंने कहा की हमें मुंबई के एक ऐसे होटल में ठहराया गया है जहा एक सैंडविच ही 1500 रूपए की होती है। ऐसे में अब खिलाड़ियों के पास दिन भर फील्ड में खेलने के बाद होटल के बाहर जा के खाना खाने के अलावा कोई चारा नहीं है।”

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